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Ek Tasveer (2014)

एक तस्वीर हूँ मैं
रंग जिसमे भरे हैं तुमने
कई हज़ारों हलके और ख्यालों भरे
देख रही हूँ यहाँ से
कब तुम रुक जाओगे एक पल
ठहर जाओ और देखो मुझको
एक नया संसार है तुमने रच दिया
मेरे हर तरफ जन्नत है
खुशियों से है भर दिया तुमने
मेरी साँसों में है ज़िन्दगी
धड़कनो में हैं रंग तुम्हारे
चाँद की हर किरण के साथ है इंतज़ार तुम्हारा
सूरज के साथ बनता है साथ हमारा
मैं देख रही हूँ तुमको
तुम्हारे दिलो दिमाग में है कहीं कहानी हमारी
आज उतार दो हर रंग मुझमे
बाहर उतर आ रही हूँ मैं
कल तक थी एक तस्वीर
अब हूँ बन गयी ज़िन्दगी तुम्हारी|

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Jazba (2014)

दर्द हुआ आवाज़ों में

लहू निकला बाज़ारों में

शोर हुआ शमशानों में

एक और नाम गया किताबों में ।

 

एहसास हुआ इंसानों को

पर काटा भी इंसानों ने

बैर लगा इतिहासों को

पर लाल रंग ही था दरारों में ।

 

एक गिरा तो और उठ आये

कोई कमी नहीं हथियारों में

सूखी आँखें अब भी हैं आस लगाये

पर कोई शिकवा नही इन कतारों में ।

 

थामे जज़बाद कुछ जवानों ने

आवाज़ लगाई दीवानों ने

मैंने लफ्ज़ उतारे हैं किताबों में

तुम इंसानियत का जज़बा उतार दो इंसानों में ॥

 kanchan

bird_in_the_sky

उड़ता है आसमां में एक पंछी

कुछ गुज़रे पलों की याद दिलाता हुआ

कभी ऊँची उड़ान भरी

तो कभी थम सा गया ।

 

बेफिकर हो है वोह उड़ रहा

कि मैं भी था रहा अपनी चल रहा

फिर कुछ साथी संग उसके उड़ने लगे

कि मेरे यारों का समां था बंध रहा ।

 

अभी एक हवा का झोंका लगा उसको

और नए कदम मेरी ज़िन्दगी में आए

कुछ रुका, पंख हिलाए, रुख उसका बदल सा गया

मेरी हमसफ़र जो बन गयी वोह, रास्ता एक बन सा गया ।

 

अब ऊपर देखो तो एक काफिला है उड़ रहा

हम दो मस्तानो के बचपन नज़र आने लगे

कुछ मदमस्त हैं वोह सब उड़ रहे

जो लाये इस दुनिया में, मुझ पर हाथ वोह फैराने लगे ।

 

यह उड़ान कुछ ऊँची है

पर वोह उड़ता है जा रहा

जैसे आसमान की कोई सीमा नहीं

पर मुझको भी तो है जाना वहाँ ।

 

वोह देख कर मुझको है मुसकुरा रहा

जैसे जैसे आकाश में हुआ वोह ओझल

उड़ान उसकी अभी है हुई शुरू

कि मुझको वोह साथ है लेता जा रहा ।।

 

@kanchan

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